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हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र

Method of use of Hanuman Vyapar Vriddhi Mantra

 
श्री हनुमत् महावीर मंत्र ॐ ह्रौं हस्फ्रें ख्फ्रें हस्त्रौं हस्ख्फें हसौं हनुमते नमः हनुमान जी का ध्यान करके इस मन्त्र

हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र

हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र का कितना जप करना चाहिए ?

हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र का प्रयोग विधि - हनुमत व्यवसाय वृद्धि सम्पुटित मंत्र का 12 माला जप सुबह शाम व्रत रखकर 12 मंगलवारों तक करें। व्यवसाय में वृद्धि एवं शत्रु निवारण, आत्मरक्षा के लिये अचूक मंत्र है। बड़ा मंगलवार , हनुमान जयन्ती और रामनवमी में शुरू करें तो और भी अच्छा।

हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र न्यास

ॐ ह्रां अञ्जनीसुताय अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ।
ॐ ह्रीं रुद्रमूर्तये तर्जनीभ्यां नमः ।
ॐ हूं रामदूताय मध्यमाभ्यां नमः ।
ॐ ह्रैं वायुपुत्राय अनामिकाभ्यां नमः ।
ॐ ह्रौं अग्निगर्भाय कनिष्ठिकाभ्यां नमः ।
ॐ ह्रः ब्रह्मास्त्र- निवारणाय करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः ।
ॐ अञ्जनीसुताय हृदयाय नमः ।
ॐ रुद्रमूर्तये शिरसे स्वाहा। ॐ रामदूताय शिखायै वषट् ।
ॐ वायुपुत्राय कवचाय हुम् ।
ॐ अग्निगर्भाय नेत्रत्रयाय वौषट् । ॐ ब्रह्मास्त्रनिवारणाय अस्त्राय फट् ।।

हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र ध्यान

ध्यायेद् बालदिवाकरद्युतिनिभं देवारिदर्पापहं
देवेन्द्रप्रमुखं प्रशस्तयशसं देदीप्यमानं रुचा ।

सुग्रीवादिसमस्तवानरयुतं सुव्यक्ततत्त्वप्रियं
संरक्तारुणलोचनं पवनजं पीताम्बरालंकृतम् ॥

ध्यान का हिंदी भावार्थ -
प्रातःकालीन सूर्यके सदृश जिनकी शरीर-कान्ति है, जो राक्षसों का अभिमान दूर करनेवाले, देवताओं में एक प्रमुख देवता, लोकविख्यात यशस्वी और अपनी असाधारण शोभा से देदीप्यमान हो रहे है, सुग्रीव आदि सभी वानर जिनके साथ हैं, जो सुव्यक्त तत्त्व के प्रेमी हैं , जिनकी आँखे अतिशय लाल-लाल है और जो पीले वस्त्रों से अलंकृत हैं, उन पवनपुत्र श्रीहनुमानजी- का ध्यान करना चाहिये।

हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र

ॐ हनुमते नमः कर्मदेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन। शत्रून् संहर माँ रक्ष, श्रियं दापय में प्रभो। ॐ हनुमते नमः ।

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हनुमत व्यवसाय वृद्धि मंत्र ॐ हनुमते नमः कर्मदेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन। शत्रून् संहर माँ रक्ष, श्रियं दापय में प्रभो। ॐ हनुमते नमः