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श्री श्रीरामवन्दना पाठ हिंदी अर्थ (भावार्थ ) सहित

Sri Ram Vandana in sanskrit and hindi also

 
 श्रीरामवन्दना

श्रीरामवन्दना

आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम् ।
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम् ॥

भावार्थ - जो आपत्तियों से हमें बचाते हैं , सभी सम्पत्तियों को देतें है , सभी प्राणियों को सुख देने वाले हैं , उन श्री राम जी को में बार बार नमस्कार करता हूँ !

रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे ।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥

राम, रामभद्र, रामचंद्र, विधात स्वरूप , रघुनाथ, प्रभु एवं सीताजीके स्वामीकी मैं वंदना करता हूं ।

नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं सीतासमारोपितवामभागम्।
पाणौ महासायकचारुचापं नमामि रामं रघुवंशनाथम् ॥

भावार्थ:-नीले कमल के समान श्याम और कोमल जिनके अंग हैं, श्री सीताजी जिनके वाम भाग में विराजमान हैं और जिनके हाथों में (क्रमशः) अमोघ बाण और सुंदर धनुष है, उन रघुवंश के स्वामी श्री रामचन्द्रजी को मैं नमस्कार करता हूँ॥3॥

हनुमत श्रीराम वंदना मंत्र

ॐ हनुमते नमः ।
आपदामपहर्तारं दातारं सर्व सम्पदाम् लोकाभिरामं श्री रामं, भूयो भूयो नमाम्यहम् श्री हनुमते नमः ।

इस मंत्र को मंगलवार से शुरू कर लगातार बारह मंगलवार तक, नित्य प्रातः काल एवं सायंकाल में बारह-बारह माला इस मंत्र का जाप करना से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और मनोरथ की सिद्धी होती है।

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shreeraamavandana

aapadaamapaharataran daataaran sarvasampadaam .
lokaabhiraaman shreeraaman bhooyo bhooyo namaamyaham .

raamaay raamabhadraay raamachandraay vedhase .
raghunaathaay naathaay sitaarayaah pataye namah .

neelaambujashyaamalakomalaangan sitaarasamaaropitavaamabhaagam.
paanau mahaasaayakachaaruchaapan namaami raaman raghuvanshanaatham

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