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दीपावली एवं धनतेरस में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए

What should be done and what should not be done during Diwali and Dhanteras

दीपावली एवं धनतेरस में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए

॥ श्रीहरिः ॥

दीपावली एवं धनतेरस में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए

What should be done and what should not be done during Diwali and Dhanteras


आलेख - साधक प्रभात (Sadhak Prabhat)

दीपावली के लिए लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति कब लेनी चाहिए?

मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति या फोटो, पूजा के लिए धनतेरस के दिन खरीदकर लाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी को अपने घर लाने से उनके साथ सुख-समृद्धि आता है।

धनतेरस पर यमराज के लिए कैसे दीपदान (यम का दीया) करना चाहिए ?

धनतेरस पर यमराज के लिए आटे का चौमुखी तेल का दीपक बनाकर उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ उसमें थोड़ी सरसों, कालीमिर्च और लौंग डाल कर दीपदान करना चाहिए। साथ ही किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दीपक, रूई, तेल, माचिस दान देते हैं तो यम देवता प्रसन्न होंगे और आपके जीवन से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त हो जाएगा।

धनतेरस पर कितने दीये जलाए जाते हैं? धनतेरस के दिन 13 दीये कैसे और क्यों जलाए जाते हैं ?

परंपराओं के अनुसार, धनतेरस पर लोग घर के अलग-अलग हिस्सों में 13 दीये जलाते हैं।
1. पहला दीया घर के बाहर कूड़ेदान के पास दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाए जाते हैं। इससे परिवार में अकाल मृत्यु का भय कम होता है।
2. दूसरा दीया घी से जलाकर घर के मंदिर में रखना चाहिए। इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
3. तीसरा दीया मां लक्ष्मी के सामने जलाया जाता है। ये दीया धन लाभ और जीवन में सफलता का आशीर्वाद पाने के लिए जलाया जाता है।
4 . चौथा दीया तुलसी मां के समक्ष जलाना चाहिए। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
5. पांचवां दीया को घर के मुख्य दरवाजे के सामने जलाया जाता है। इससे घर से नकारात्मकता दूर होती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचारहोता है।
6. छठा दीया सरसों के तेल से जलाकर पीपल के पेड़ के नीचे रखा जाता है। इससे आर्थिक संकट दूर होती है।
7 . सातवां दीया घर में खुशहाली लाने के लिए किसी मंदिर में जाकर जलाया जाता है।
8. आठवां दीया कूड़ेदान के पास जलाना शुभ होता है। यह दीया बुराई का नाश करके घर-परिवार में खुशियां लेकर आता है।
9. नौवां दीया शौचालय के बाहर जलाया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
10. दसवां दीया जीवन से अंधकार को दूर करने के लिए घर की छत पर जलाना चाहिए।
11. ग्यारहवां दीया घर की खिड़की के पास रखना शुभ होता है। इससे बुरी और नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश नहीं मिलती।
12. बारहवां दीया घर की सबसे ऊंचे स्थान पर रखा जाता है, ताकि घर-परिवार में सबकी स्वास्थ्य अच्छी रहे।
13. तेरहवां दीया घर के चौराहे को सजाने के लिए रखा जाता है।यह व्यक्तिगत जीवन के साथ साथ सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ाता है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाता है।

क्या हम धनतेरस पर पुरानी झाड़ू फेंक सकते हैं?

धनतेरस के दिन भूलकर भी पुरानी झाड़ू को न फेंके, धनतेरस के दिन घर में पुरानी झाड़ू रखें। फेंकने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं, साथ ही घर में आर्थिक तंगी भी बनी रहती है। इस दिन पुराने कपड़े भी बाहर नहीं फेकें।

लक्ष्मी पूजा में नवैद्य ( प्रसाद) में क्या क्या भोग लगाया जाता है?

दीपावली में देवी लक्ष्मी को खिचड़ी, आलू भाजा, लबरा और मिठाई, फल, सूखे मेवा चढ़ाई जाती है। मखाना माता को अवश्य चढ़ाना चाहिए।

लक्ष्मी पूजा में क्या क्या सामग्री होनी चाहिए?

लक्ष्मी पूजा में गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति के साथ आरती के लिए रुई बत्ती और एक पीतल का दीपक भी होना चाहिए। इसके अलावा आपको रोली, सिंदूर, कमल के फूल, मेहंदी, लाल चूड़ी, कैथा,लाल कनेर का फूल यह सभी माता लक्ष्मी के पूजन के लिए जरूरी साम्रगी होती है। जो सामग्री उपलब्ध ना हो उसे मानसिक रूप से अर्पित कर देना चाहिए।

माता लक्ष्मी की मूर्ति कैसे रखें? क्या लक्ष्मी की मूर्ति का मुख दक्षिण की ओर हो सकता है? महालक्ष्मी का मुंह किधर होना चाहिए?

भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करते समय दिशा का खास ख्याल रखना चाहिए। मां लक्ष्मी की मूर्ति भगवान गणेश के हमेशा दाईं ओर रखना चाहिए। लक्ष्मी की मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। दक्षिण दिशा में माँ के मुख का मतलब है कि मूर्ति का पीठ उत्तर दिशा की ओर है । माता लक्ष्मी की मूर्ति का मुख इस प्रकार रखें कि जब भी आप उनकी पूजा करें तो आपका मुख उत्तर दिशा की ओर हो। माता लक्ष्मी की मूर्ति पत्थर या धातु की होनी चाहिए।

कौन सी लक्ष्मी की मूर्ति घर के लिए अच्छी है?

घर के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की बैठी हुई मूर्ति अच्छी होती है। व्यापारिक संस्थान के लक्ष्मी जी, गणेश जी और सरस्वती की मूर्ति खड़ी हुई अच्छी होती है।

क्या दक्षिण दिशा में लक्ष्मी की तस्वीर लगानी चाहिए ?

दक्षिण दिशा में लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति लगाना अशुभ माना जाता है। इससे आपके घर में दरिद्रता आती है। दक्षिण दिशा में तस्वीर या मूर्ति लगाने का अर्थ है कि तस्वीर या मूर्ति का मुख उत्तर की ओर होगा जबकि पूजा के वक्त आपका मुख उत्तर की ओर होना चाहिए। देवी लक्ष्मी की तस्वीर रखने के लिए सबसे अच्छी जगह आपके घर के उत्तर-पूर्व कोने का उत्तर या पूर्व भाग है। इसके अलावा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में भी माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर लगा सकते हैं।

घर के लिए कौन सी लक्ष्मी की फोटो अच्छी है?

वास्तु के अनुसार घर के अंदर कमल पर स्थिर बैठी हुई माता लक्ष्मी की तस्वीर शुभ मानी जाती है। मां लक्ष्मी की खड़ी अवस्था में फोटो नहीं लगानी चाहिए। क्योंकि मां लक्ष्मी का स्वभाव चंचल होता है और वह एक जगह ठहरती नहीं हैं। इसलिए मां लक्ष्मी के ठहराव के लिए उनकी बैठी हुई मुद्रा में फोटो लगानी चाहिए। इसके अलावा, लक्ष्मी के साथ एक हाथी या दो हाथियों का होना भी भाग्यशाली माना जाता है। माता के इस अवतार को गज लक्ष्मी के नाम से जाना जाता है।

लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की मूर्ति घर में कैसे स्थापित करना चाहिए ?

लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की मूर्ति घर में स्थापित करनी हो वहां कुछ चावल रखें। और उसी चावल के ऊपर क्रमश: गणेश और लक्ष्मी की मूर्ति को रखें। अगर कुबेर, सरस्वती एवं काली माता की मूर्ति हो तो उसे भी उसी प्रकार रखें। लक्ष्मी माता की पूर्ण प्रसन्नता हेतु भगवान विष्णु की मूर्ति लक्ष्मी माता के बायीं ओर रखकर पूजा करनी चाहिए।

घर में लक्ष्मी टिकी रहे इसके लिए क्या करना चाहिए ?

घर में लक्ष्मी टिकी रहे इसके लिए पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े होकर लोहे के पात्र में जल, चीनी, शुद्ध घी एवं दूध मिलाकर उसको पीपल वृक्ष के जड़ में डालने से घर में लंबे समय तक सुख-समृद्धि रहती है और लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।

दीपावली में घर में दीया कहां कहां रखते हैं?

घर में धन, समृद्धि और भाग्य वृद्धि के लिए लक्ष्मी पूजा के बाद अपने घर के उत्तर-पूर्वी, उत्तरी और मध्य क्षेत्र में एक दीया रखें।

धनतेरस के दिन कौन सा दीपक जलाना चाहिए?

धनतेरस के दिन शाम को मां लक्ष्मी, कुबेर भगवान की पूजा करने के साथ यमराज की पूजा करने का विधान है। इस दिन शाम के समय दक्षिण दिशा में एक चौमुखा दीपक जलाया जाता है जिसे यम दीपक कहते हैं।

क्या दीपावली पर किसी को पैसा देना चाहिए?

दिवाली एक ऐसा त्योहार है जो घर में आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। निवेश करना या चीजें खरीदना इस त्योहार का हिस्सा है लेकिन दूसरों को पैसे देने की सलाह नहीं दी जाती है। इसलिए यह सुझाव दिया जाता है कि उपहार या दान के रूप में पैसे देने का अभ्यास न करें।

क्या दिवाली की रात जुआ खेलना चाहिए ? दिवाली की रात क्या नहीं करना चाहिए?

पौराणिक कथाओं की माने तो दीपावली की रात जुआ खेलना इसलिए शुभ है क्योंकि कार्तिक मास की इस रात को भगवान शिव और माता पार्वती ने चौसर खेला था। जिसमें भगवान शिव हार गए थे। तभी से दिवाली की रात जुआ खेलने की परंपरा जुड़ गई। शास्त्रों में कहा गया है कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए। आध्यात्मिक रूप से इस कथा का महत्त्व स्त्री सम्मान से है। ब्रह्मपुराण में लिखा है कि, दिवाली के दिन मनुष्य को प्रात:काल के समय जुआँ खेलना उचित है, उसमें जिसका जय हो उसका पुरे वर्ष जय होता है, और जिसका विरोध वा पराजय होता है उसके लाभ का पुरे वर्ष नाश होता है।अत: मनुष्य दिवाली की रात्रि को स्त्रियों के साथ द्यूत-क्रीड़ा में बितावें। स्कंदपुराण के अनुसार, प्रातःकाल गोवर्द्धन की पूजा करके जुआ खेलें और गौओं को सजाएँ। निर्णय सिंधु और पुराणों के निचोड़ के आधार पर मेरा मत है कि जुआ खेलना जिसमें पैसा दांव पर लगाते हैं वो बाद में प्रक्षिप्त के रूप में जुड़ गया है। भगवान शिव और माता पार्वती ने चौसर खेला था। जुआ खेलना लक्ष्मी को रुष्ट होने का कारण होता है।

दीपावली के दिन गाय को क्या खिलाना चाहिए?

दिवाली के दिन आप गाय माता को भुने हुए चने और गुड़ भी खिलाना चाहिए। मंगल ग्रह के दोष दूर करने के लिए भी ये टोटका बहुत ही कारगर माना जाता है।

धनतेरस छोटी दीपावली पर क्या क्या खरीदना चाहिए?

धनतेरस पर सोने – चांदी सहित झाड़ू खरीदना शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इससे धन के देवता कुबेर प्रसन्न होते हैं और हम पर धन की वर्षा करते हैं। माता लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की मूर्ति भी इसी दिन खरीदना चाहिए।

झाड़ू की पूजा कब की जाती है?

धनतेरस के दिन शाम में पुरानी झाड़ू की पूजा करें। इसके बाद नई झाड़ू की भी पूजा करें और घर में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करना चाहिए।

दीपावली पर झाड़ू कब खरीदना चाहिए?

विशेष तौर पर झाड़ू को धनतेरस के दिन अभिजीत मुहूर्त में खरीदना या सूर्यास्त के बाद सांयकाल में खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन नई झाड़ू घर में लाने से दरिद्रता दूर होती है। मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। क्योंकि झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास होता है।

दीपावली की रात में छिपकली देखने से क्या होता है? दीपावली के दिन उल्लू देखने से क्या होता है ?

जिस घर में धनतेरस या दीपावली की रात को छिपकली दिख जाए तो ये महालक्ष्मी के आगमन का संकेत माना जाता है। छिपकली देखने से सालभर आपको धन संबंधित परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और जीवन की हर परेशानी दूर होने लगेगी। दीपावली के दिन उल्लू दिखाना काफी शुभ माना जाता है। यह धन आगमन का सूचक है।

दीपावली की रात को क्या खाना चाहिए?

दीपावली की रात में जिमीकंद, सूरन या ओल की सब्जी बनाने की परंपरा है। दीपावली की रात में ओल का सब्जी खाना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर कौन सा प्रसाद चढ़ाया जाता है?

धनतेरस पर विशेष प्रसाद गुड़ और सूखे धनिये के बीज से बनाया जाता है। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई हिस्सों में, लोग साबुत गेहूं का हलवा पकाते हैं और इसे देवी लक्ष्मी को चढ़ाते हैं। धनतेरस पूजा के लिए तैयार किया जाने वाला एक और महत्वपूर्ण प्रसाद पंचामृत है।

दीपावली के दूसरे दिन सुबह क्या करना चाहिए?

प्रात:काल स्नान करने के उपरांत भगवान कृष्ण का ऐसा चित्र जिसमें वे गोवर्धन पर्वत हाथ में धारण किए खड़े हों अपने पूजाघर में लगाकर उसकी पूजा करें। पूजन के उपरांत गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत का विग्रह भूमि पर बनाएं।

घर में कितनी लक्ष्मी की मूर्तियां रखी जा सकती हैं?

आप देवी-देवताओं की दिव्य त्रिमूर्ति - सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा को रख सकते हैं। लेकिन, आपको एक ही देवी की 3 मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए , क्योंकि यह आपके घर में उथल-पुथल और दुर्भाग्य ला सकती है।

दीपावली स्नान के लिए कौन सा तेल इस्तेमाल करें?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, दीपावली स्नान के लिए तिल के तेल का उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि तेल स्नान अहंकार, झगड़े, आत्म-सम्मान और ईर्ष्या को दूर करके जीवन में नई शुरुआत देता है। भावनात्मक सद्भाव, स्थिरता और शांति की भावना को बढ़ाता है।

रोज लक्ष्मी पूजा कैसे करें?

दैनिक पूजा में माता लक्ष्मी की पूजा खासकर शाम के वक्त होती है। शुक्रवार की शाम अष्ट लक्ष्मी की पूजा करें। अष्ट लक्ष्मी की तस्वीर पर गुलाब का फूल चढ़ाएं, फिर धूप-दीप दिखाएं। इसके बाद निम्न का जाप करें -

ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नम: स्वाहा।।

नई झाड़ू के लिए कौन सा दिन अच्छा है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पुरानी झाड़ू बदलने और नई झाड़ू खरीदने के लिए शनिवार का दिन चुनना चाहिए। शनिवार के दिन नई झाड़ू का प्रयोग करना बहुत शुभ माना जाता है । इसके अलावा झाड़ू हमेशा कृष्ण पक्ष में खरीदने की सलाह दी जाती है, जबकि शुक्ल पक्ष में खरीदी गई झाड़ू दुर्भाग्य का सूचक होती है।

पुरानी झाड़ू किस दिन फेंकनी है?

अमावस्या या शनिवार के दिन पुरानी झाड़ू को फेंक देना चाहिए। गुरुवार या शुक्रवार के दिन कभी भी झाड़ू नहीं फेंकनी चाहिए नहीं तो लक्ष्मी जी भी चली जाती हैं।

श्री महालक्ष्मी माई की जय

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