मासिक दुर्गाष्टमी
Masik Durgashtami

मासिक दुर्गाष्टमी 2026
प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है।
मास के मासिक दुर्गाष्टमी तिथि -
| तारीख | मास - पक्ष - तिथि | समय | |
| 1 | जनवरी 26, 2026, सोमवार |
माघ, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 11:10 पी एम, जनवरी 25 समाप्त - 09:17 पी एम, जनवरी 26 |
| 2 | फरवरी 24, 2026, मंगलवार |
फाल्गुन, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 07:01 ए एम, फरवरी 24 समाप्त - 04:51 ए एम, फरवरी 25 |
| 3 | मार्च 26, 2026, बृहस्पतिवार |
चैत्र, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 01:50 पी एम, मार्च 25 समाप्त - 11:48 ए एम, मार्च 26 |
| 4 | अप्रैल 24, 2026, शुक्रवार |
वैशाख, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 08:49 पी एम, अप्रैल 23 समाप्त - 07:21 पी एम, अप्रैल 24 |
| 5 | मई 23, 2026, शनिवार | अधिक-मास ज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 05:04 ए एम, मई 23 समाप्त - 04:27 ए एम, मई 24 |
| 6 | जून 22, 2026, सोमवार |
ज्येष्ठ, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 03:20 पी एम, जून 21 समाप्त - 03:39 पी एम, जून 22 |
| 7 | जुलाई 21, 2026, मंगलवार |
आषाढ़, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 04:02 ए एम, जुलाई 21 समाप्त - 05:16 ए एम, जुलाई 22 |
| 8 | अगस्त 20, 2026, बृहस्पतिवार |
श्रावण, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 07:19 पी एम, अगस्त 19 समाप्त - 09:18 पी एम, अगस्त 20 |
| 9 | सितम्बर 19, 2026, शनिवार | भाद्रपद, शुक्ल अष्टमी | प्रारम्भ - 01:00 पी एम, सितम्बर 18 समाप्त - 03:26 पी एम, सितम्बर 19 |
| 10 | दुर्गा महा अष्टमी अक्टूबर 19, 2026, सोमवार |
आश्विन, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 08:27 ए एम, अक्टूबर 18 समाप्त - 10:51 ए एम, अक्टूबर 19 |
| 11 | नवम्बर 17, 2026, मंगलवार |
कार्तिक, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 04:19 ए एम, नवम्बर 17 समाप्त - 06:04 ए एम, नवम्बर 18 |
| 12 | दिसम्बर 17, 2026, बृहस्पतिवार |
मार्गशीर्ष, शुक्ल अष्टमी |
प्रारम्भ - 10:45 पी एम, दिसम्बर 16 समाप्त - 11:25 पी एम, दिसम्बर 17 |
दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा-व्रत करने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन पूजा-व्रत करने से व्यक्ति को मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन में बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा किसी भी काम में बाधा नहीं आती है। मान्यता है कि इस दिन पूजा के दौरान मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा सुनने या पाठ करने से जीवन की परेशानियां दूर होती है। इसके अलावा घर में सुख-शांति बनी रहती है।
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा
इस दिन दुर्गा सप्तशती का दूसरा अध्याय महिषासुर वध की कथा का पाठ किया जाता है।
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत विधि -
1. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सुबह उठकर जल्दी से स्नान कर लें।
2. फिर जिस जगह पूजा करनी है, उस स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें।
3. पूजा के दौरान मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।साथ ही घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
4. माता रानी को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें। प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।
5. धूप और दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती के दूसरा अध्याय, दुर्गा चालीसा आदि का पाठ करें और फिर मां दुर्गा की आरती करें।
मासिक अष्टमी व्रत में क्या खाना चाहिए?
इस दिन सुबह से शाम तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए, यदि यह संभव न हो तो फल और दूध का सेवन किया जा सकता है। शाम को विधि अनुसार पूजा करनी चाहिए। दुर्गा सप्तशति का पाठ विधि अनुसार, करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद व्रत का समापन करना चाहिए।
